नितिन गडकरी ने कहा- जातीय प्रकोष्ठ बनाना थी एक भूल
नागपुर। भारतीय राजनीति में अपनी स्पष्टवादिता और जमीन से जुड़े विचारों के लिए पहचाने जाने वाले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर में एक बार फिर अपनी बेबाक राय रखी। बीजेपी के नए विभागीय कार्यालय के भूमिपूजन समारोह में उन्होंने पार्टी की कार्यशैली पर गहन टिप्पणी करते हुए जातीय प्रकोष्ठों को गलत कदम बताया और महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को इससे सबक लेने की सलाह दी।
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने साफ शब्दों में कहा कि जब वे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष थे, उन्होंने सभी जातियों को एक साथ लाने की मंशा से जातीय प्रकोष्ठ बनाए थे, लेकिन इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिला। उनका कहना था, कि जो नेता पार्टी में आए, वे अपनी जाति में ही अकेले पड़ गए। उन पर बाकी कार्यकर्ताओं ने भरोसा नहीं किया। पार्टी को बढ़ाने में इन प्रकोष्ठों की भूमिका नगण्य रही। यहां पर गडकरी ने बावनकुले को नसीहत देते हुए कहा, कि आगामी नगर निगम चुनाव में उन्हें इन प्रकोष्ठों से सैकड़ों सिफारिशें मिलेंगी, जो उनके लिए सिरदर्द बन सकती हैं। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए गडकरी ने संगठन की भावना को परिवार से जोड़ते हुए कहा, एक नेता को पार्टी को अपने परिवार की तरह देखना चाहिए, और कार्यकर्ताओं को अपने बच्चों की तरह। यही समर्पण हमें आगे बढ़ाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बीजेपी कोई जातिवादी या सांप्रदायिक पार्टी नहीं है, बल्कि उसका मकसद राष्ट्र का समग्र विकास है।
फडणवीस और गडकरी ने की आर्थिक सहायता की घोषणा
समारोह में गडकरी ने नए कार्यालय के निर्माण के लिए ₹25 लाख की सहायता की घोषणा की, वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी ₹5 लाख देने का वादा किया। नया कार्यालय 38,000 वर्गफीट क्षेत्र में बन रहा है, जिसमें 500 व्यक्तियों की क्षमता वाला सभा हॉल, प्रशिक्षण के लिए दो अलग-अलग हॉल, दो बेसमेंट पार्किंग, छत पर बैठक की आधुनिक सुविधा होगी। इस अत्याधुनिक कार्यालय का निर्माण अगले दो वर्षों में पूरा होने की संभावना है।
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