इंदिरा नगर में सनसनी—रिकवरी मैनेजर शशि उपाध्याय की बेरहमी से हत्या
लखनऊ: लखनऊ के इंदिरा नगर सेक्टर-8 में बुधवार देर रात रिकवरी एजेंसी के मैनेजर शशि उपाध्याय की सरेराह पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। उसके चेहरे और सिर पर धारदार हथियार से कई वार किए गए थे। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर उसे सड़क किनारे फेंक कर फरार हो गए। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि किसी का फोन आने पर शशि देर रात घर से बाहर निकला था। पुलिस को घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी से मारपीट का फुटेज भी मिला है।
शशि प्रकाश उपाध्याय (24) इंदिरानगर के सेक्टर-आठ पटेल नगर में किराए पर रहते थे। वह विष्णु ऐंड रिकवरी एजेंसी में मैनेजर थे। गाजीपुर के एसीपी अनिद्य विक्रम सिंह ने बताया कि रात करीब 11:30 बजे पटेल नगर में एक घायल युवक के सड़क किनारे पड़े होने की सूचना मिली। युवक की पहचान शशि के रूप में हुई। पुलिस ने उसे लोहिया संस्थान पहुंचाया। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। शशि की जेब से मिले फोन के जरिए उसके भाई रवि से संपर्क किया गया। इलाके से मिले सीसीटीवी फुटेज में दो युवक शशि की पिटाई करते हुए दिख रहे हैं। एसीपी ने बताया कि शशि कॉल आने पर घर से बाहर निकला था।
एसीपी अनिद्य विक्रम सिंह ने बताया कि पिता चंद्रभूषण उपाध्याय की तहरीर पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें लगाई गई है। पुलिस कॉल डिटेल, लोकेशन और फुटेज के आधार पर संदिग्धों की तलाश कर रही है। परिजनों के अनुसार शशि पिछले ढाई वर्षों से इंदिरा नगर में रह रहा था।
उसके भाई रवि ने बताया कि दोनों भाई पहले साथ रहते थे, लेकिन कुछ माह पहले रवि की जालंधर में निजी बैंक में नौकरी लग गई, जिसके बाद वह वहां शिफ्ट हो गया। शशि के साथ रहने वाला रिश्तेदार दो दिन पहले विदेश चला गया था, जबकि उसका दोस्त प्रिंस एक दिन पहले ही गांव लौट गया था, जिससे शशि घर में अकेला था। शशि की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पिता चंद्रभूषण, मां विजयलक्ष्मी, भाई रवि और बहनें श्वेता, शिखा और हर्षिता का रो-रोकर बुरा हाल रहा। मां और बहनें बेसुध हो गई, जिन्हें रिश्तेदारों ने बड़ी मुश्किल से संभाला। परिवार ने पुलिस से जल्द से जल्द हत्यारों को पकड़ने की मांग की है।
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