15 साल के संघर्ष के बाद चमकी किस्मत, ‘धुरंधर’ के दानिश पंडोर का खुलासा
अभिनेता दानिश पंडोर इन दिनों अपनी फिल्मों 'धुरंधर' और 'छावा' को लेकर चर्चा में हैं। 'धुरंधर' में उन्होंने रहमान डकैत के भाई उजैर बलोच का किरदार निभाया है। फिल्म में उनके काम को सराहा जा रहा है और अब दर्शकों के साथ-साथ इंडस्ट्री के लोगों के बीच भी उन्हें लेकर दिलचस्पी बढ़ी है। हालांकि, यहां तक पहुंचने का उनका सफर बिल्कुल आसान नहीं रहा। 2010 में टीवी शो 'कितनी मोहब्बत है' के दूसरे सीजन से अपने करियर की शुरुआत करने वाले दानिश ने टीवी, फिल्मों और वेब सीरीज में लगातार काम किया, लेकिन जिस पहचान का वह वर्षों से इंतजार कर रहे थे, वह उन्हें 15 साल बाद मिली। दानिश के लिए 2025 किस्मत बदलने वाला साल साबित हुआ। इसी साल 'धुरंधर' के साथ उनकी फिल्म 'छावा' भी ब्लॉकबस्टर रही, जिसमें उन्होंने इखलास खान का किरदार निभाया था। अमर उजाला से खास बातचीत में अभिनेता ने अपने संघर्ष, लंबे इंतजार और आखिरकार मिली पहचान पर खुलकर बात की।
'सेक्रेड गेम्स' के बाद भी नहीं बदली किस्मत, 4 साल तक नहीं मिला काम
दानिश पंडोर ने कहा, 'बहुत बार ऐसा हुआ है। एक प्रोजेक्ट मैंने 2017 में किया था, जो 2018 में आया। उसके बाद भी चार साल तक मुझे कोई काम नहीं मिला। तब अपने आप पर शक होने लगता है। ऐसा लगने लगता है कि शायद कुछ न कुछ मैं गलत कर रहा हूं। मुझे खुद पर ही संदेह होने लग गया था। कहीं मेरे काम में तो कोई कमी नहीं है। फिर कभी-कभी यह भी लगता है कि कहीं मेरी किस्मत ही खराब तो नहीं है।'
'फाइनल हुआ, कॉन्ट्रैक्ट मिला, फिर एक दिन टीजर देखकर टूटा सपना'
एक और किस्सा याद करते हुए उन्होंने कहा, 'एक बार तो ऐसा भी हुआ था कि मैं एक प्रोजेक्ट के लिए फाइनल हो गया था। मेरा ख्याल है, यह 2014 की बात है। मैं उस रोल के लिए फाइनल हो गया था। डायरेक्टर से मुलाकात भी हो गई थी, मुझे कॉन्ट्रैक्ट भी भेजा गया था, स्क्रीन टेस्ट और बाकी सारी चीजें भी हो चुकी थीं। उसके बाद मैं बार-बार पूछता रहा कि यह कब शुरू होगा, कब शुरू होगा। मुझे यही कहा जाता था कि जब होगा, हम आपको बता देंगे।' उन्होंने आगे कहा, 'फिर कुछ महीनों के बाद मुझे कुछ नहीं बताया गया। तकरीबन आठ महीने बीत चुके थे। मैं भी बहुत बार पूछना नहीं चाहता था। एक समय के बाद बहुत ज्यादा पूछना भी अजीब लगने लगता है। फिर एक दिन मैंने उसका टीजर देख लिया। उस वक्त मुझे बहुत बुरा लगा। मुझे लगा, कम से कम मुझे बता तो दिया होता, क्योंकि आप उम्मीद में बैठे रहते हो। आपको लगता है कि इतने वर्षों बाद कुछ अच्छा होने वाला है। आपका ऑडिशन भी अच्छा गया था, सब कुछ सही लग रहा था।' उन्होंने कहा, 'लेकिन मुझे नहीं पता, शायद उन्हें लगा होगा कि कोई दूसरा अभिनेता उस रोल में ज्यादा फिट बैठता है। यह सब इस पेशे का हिस्सा है। बतौर अभिनेता आपको लगता है कि एक मौका मिलना ही बहुत बड़ी बात है। लेकिन हां, जब ऐसी घटना होती है तो दुख जरूर होता है।'
'15 साल इंतजार किया, फिर 2025 में मिली वह पहचान जिसका इंतजार था'
दानिश पंडोर ने कहा, 'मुझे खुशी है कि आदित्य सर ने मुझ पर भरोसा किया और मुझे 'धुरंधर' जैसी इतनी बड़ी जिम्मेदारी से नवाजा, जिसका मैं बहुत बड़ा शुक्रगुजार हूं। 2025 मेरे लिए लकी साल साबित हुआ। 15 साल से काम कर रहा था, इंतजार कर रहा था कि कब ऐसा प्रोजेक्ट मिले, जिससे पहचान मिले और अचानक से हो गया।' उन्होंने आगे कहा, 'छावा का ऑडिशन मैंने फिल्म शुरू होने के लगभग एक साल पहले दिया था। मैंने 2023 के आखिरी में ऑडिशन दिया था। 2024 में मुझे शूट के लिए कॉल आया। मेरे लिए यह बहुत बड़ा अवसर था। जब लोगों ने मेरे काम को सराहा तो जाहिर है बहुत खुशी होती है।'
'कई बार लगा छोड़ दूं, लेकिन अगर यह नहीं करूंगा तो क्या करूंगा'
दानिश ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा, 'इस बात को मैं नहीं नकारूंगा कि इन 15 वर्षों में कई बार लगा कि छोड़ दूं, नहीं हो रहा। लेकिन फिर यही लगता था कि अगर यह नहीं करूंगा तो क्या करूंगा। मैंने बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। मैं 9 से 5 की कॉर्पोरेट नौकरी भी कर सकता था। लेकिन मैं अभिनय को लेकर बहुत जुनूनी हूं। मेरा दिल सिर्फ और सिर्फ अभिनय में ही था।' उन्होंने आगे कहा, 'यकीनन, मैंने बहुत मेहनत की है। मेरे माता-पिता ने भी मेरे सपने को सपोर्ट किया। अगर परिवार का साथ न हो, तो शायद इतनी लंबी लड़ाई लड़ना आसान नहीं होता।'
'अब लोग नोटिस कर रहे हैं, लेकिन यह सफलता मेरे लिए जिम्मेदारी भी है'
दानिश पंडोर ने कहा, '2025 में 'धुरंधर' का पहला पार्ट रिलीज हुआ तो लोगों का रिएक्शन देखकर मैं हैरान रह गया। अब यह मेरे लिए जिम्मेदारी बन गई है कि लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरूं। अब सवाल यह होता है कि आगे क्या? आप अपने प्रशंसकों को निराश नहीं कर सकते।' उन्होंने आगे कहा, 'पहले तो आप काम के लिए भागदौड़ कर रहे होते हो। खुद को साबित करने के लिए एक मौके का इंतजार कर रहे होते हो। लेकिन अब यह सफलता मेरे लिए जिम्मेदारी बन गई है। अब इंडस्ट्री वालों का मेरे प्रति रवैया भी बदल गया है। अब मैं उनके नोटिस में आ गया हूं। अब उन्हें मेरी क्षमता पर भरोसा है।'
Narendra Modi से मिले ओमप्रकाश सखलेचा, AI और खेती पर चर्चा
1984 दंगों के वकील एचएस फूलका BJP में शामिल, पहले AAP से लड़ चुके हैं चुनाव
सिम रैकेट का भंडाफोड़: 600 से ज्यादा भारतीय SIM कार्ड कंबोडिया में स्मगल
ट्रिपल तलाक का मामला फिर सुर्खियों में, पति ने फोन पर कहा
उमंग सिंघार ने महिला सुरक्षा पर उठाए सवाल, सरकार से सख्त कानूनी समीक्षा की मांग
मंदाकिनी चौराहा पर शराब दुकान के खिलाफ फूटा गुस्सा, रहवासियों का जोरदार प्रदर्शन
NCP में सियासी हलचल, Parth Pawar ने किया Praful Patel और Sunil Tatkare का बचाव
