दक्षिण कोरिया में बर्थ रेट में बढ़ोतरी, 2023 की तुलना में 8,300 अधिक बच्चों का जन्म
दक्षिण कोरिया में जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या में 2024 में बढ़त दर्ज की गई है. पिछले नौ सालों में ऐसा पहली बार देखने को मिला है. दक्षिण कोरिया दुनिया के सबसे गंभीर जनसांख्यिकीय संकट से जूझ रहा है. ऐसे में वहां बर्थ रेट में बढ़त राहत देने वाली खबर है. दक्षिण कोरिया की सांख्यिकी एजेंसी के मुताबिक, पिछले साल 238,300 बच्चे पैदा हुए हैं.
2023 की पहले की तुलना पैदा हुए बच्चों की संख्या में 8,300 ज्यादा हैं. देश की प्रजनन दर. हर महिला की अपने प्रजनन सालों में जन्म लेने वाले बच्चों की औसत संख्या – 2024 में 0.75 रही, जो 2023 में 0.72 थी. यानी इसमें मामूली इजाफा देखने को मिला है. 2015 के बाद से एक साल में पैदा होने वाले बच्चों की संख्या में पहली वृद्धि हुई है. कोरिया इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड केयर एंड एजुकेशन के विशेषज्ञ चोई यून क्यूंग ने कहा कि यह कहना बिल्कुल सही है कि बच्चों के जन्म लेने की संख्या में बढ़त हुई है. हमें यह पता लगाने के लिए अगले कुछ सालों में अभी भी आंकड़ों पर गौर करना होगा.
जन्म दर में बढ़त के पीछे क्या है वजह?
सांख्यिकी कोरिया की एक वरिष्ठ अधिकारी पार्क ह्यून जंग ने कहा कि उनकी एजेंसी ने बताया कि जन्म दर में आंशिक रूप से बढ़त देखी गई है. ये बढ़त यहां काफी संख्या में शादी करने की वजह से हुई है. खासतौर पर इसमें वो लोग शामिल हैं, जिन्होंने COVID-19 महामारी के समय शादी में देरी की थी. उन्होंने कहा कि इस बढ़त के पीछे एक और वजह ये है कि 30 के दशक की शुरुआत में यहां आने वाले लोगों की संख्या में भी बढ़त देखी गई है.
उन्होंने एक सरकारी सर्वेक्षण का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें शादी के बाद बच्चे पैदा करने की उम्मीद करने वाले युवाओं की संख्या में भी थोड़ी बढ़त देखी गई. आधिकारिक डेटा से पता चलता है कि हाल के सालों में दक्षिण कोरिया की प्रजनन दर दुनिया में सबसे कम रही है. दक्षिण कोरिया की स्थिति इतनी ज्यादा खराब रही है कि 2022 में, यह एकमात्र ऐसा देश था जहां बर्थ रेट पेरिस के आर्थिक सहयोग और विकास संगठन के सदस्यों में 1 से नीचे थी.
अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा
कम प्रजनन दर दक्षिण कोरिया की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा संभावित खतरा है, जो एशिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, क्योंकि इससे श्रम की कमी और ज्यादा कल्याणकारी खर्च होंगे. दक्षिण कोरिया की केंद्रीय और क्षेत्रीय सरकारें बच्चों को जन्म देने वालों को कई तरह के वित्तीय प्रोत्साहन और अन्य सहायता कार्यक्रम दे रही हैं.
विशेषज्ञों का कहना है कि देश की जनसांख्यिकीय चुनौतियों का समाधान करना बेहद मुश्किल होगा क्योंकि युवा लोग बच्चे पैदा नहीं करना चाहते हैं. कई ऐसे कारक हैं जो करियर में आगे बढ़ने और तेजी से बदलते देश में उन्हें पालना मुश्किल बनाते हैं. वे महंगे आवास, सामाजिक गतिशीलता के निम्न स्तर, बच्चों के पालन-पोषण और शिक्षा की भारी लागत और ऐसी संस्कृति का हवाला देते हैं. इमसें महिलाओं को बच्चों की देखभाल के लिए ज़्यादा काम करना पड़ता है.
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